Chandrayaan-2 सॉफ्ट लैंडिंग कैसे करेगा जानिए विस्तार से

Chandrayaan-2 सॉफ्ट लैंडिंग : पाठकों के लिए आज Chandrayaan-2 के बारे में काफी  सूचनाएं इकट्ठा करके लाए हैं आज Chandrayaan-2 के बारे में विस्तार से बताएंगे |

Chandrayaan-2 सॉफ्ट लैंडिंग कैसे करेगा जानिए विस्तार से

Chandrayaan-2 सॉफ्ट लैंडिंग कैसे करेगा जानिए विस्तार से

इस समय Chandrayaan-2 चंद्रमा के काफी नजदीक पहुंच चुका है आज रात 1:30 से 2:30 के बीच लैंडर  विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा, उतरने से पहले लेंडर विक्रम चंद्रमा के सतह को अच्छी तरह से स्कैन करेगा ताकि उचित सरफेस मिल सके, लेंडर विक्रम में लगे सेंसर और उसमें लगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले कंप्यूटर यह निर्णय मात्र 100 मीटर ऊंचाई पर लेंगे लैंडर विक्रम के लैंड करने के बाद उसके भीतर से रोवर प्रज्ञान लगभग 4 घंटे बाद धीरे-धीरे बाहर निकलेगा |

यदि भारत लेंडर विक्रम को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर लैंड करा देता है तो भारत विश्व का पहला ऐसा देश बन जाएगा जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लेंडर विक्रम को सफलतापूर्वक लैंड कराया है |

Chandrayaan-2 के मुख्यत: 3 भाग में बटा हुआ है पहला ऑर्बिटर  दूसरा विक्रम लैंडर और तीसरा प्रज्ञान रोवर। इसरो ने यह बताया कि ऑर्बिटर  से लेंडर के अलग होने के बाद ऑर्बिटल चांद के चक्कर लगाएगा और लेंडर धीरे-धीरे चांद की सतह पर लैंड करेगा और Chandrayaan-2 का तीसरा भाग जिसका नाम रोवर प्रज्ञान है वह लैंडर  के लैंड होने के बाद धीरे-धीरे लेंडर विक्रम से बाहर निकल जाएगा यदि यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो रूस, अमेरिका, चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा |

चांद पर विक्रम ब्लेंडर के लैंड करने का समय

आज रात विक्रम लैंडर  चांद की सतह पर 1:30 से 2:30 के बीच चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड  करेगा ,  रोवर सुबह 5:30 से लेकर 6:30 के बीच बाहर निकलेगा , वही रोवर के बारे में आपको बता दें कि रोवर प्रज्ञान का जीवनकाल मात्र एक चंद्र दिवस यानी 14 दिन के बराबर है इस 14 दिनों के अंदर रोवर प्रज्ञान चांद पर रिसर्च करके सारी सूचनाएं इकट्ठा करके इसरो को भेजेगा |

500 मीटर की दूरी तय करेगा

रोवर प्रज्ञान 14 दिनों के अंदर 500 मीटर की यात्रा करेगा रोवर प्रज्ञा प्रति 1 सेकंड में 1 सेंटीमीटर की गति से चांद की सतह पर चलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ – साथ  स्कूल के बच्चे भी लेंडर विक्रम को लैंडिंग करते हुए देखेंगे

लेंडर विक्रम की लैंडिंग को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ – साथ स्कूल के 74 बच्चे हैं, जो  लेंडर विक्रम की लैंडिंग को देखेंगे इन बच्चों का चयन एक क्विज  के जरिए हुआ था Chandrayaan-2 का आर्बिटर चांद से लगभग 140 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगातार चक्कर लगाता रहेगा इस आर्बिटर की मदद से 2 साल तक चांद की तस्वीर भेजता रहेगा

विक्रम साराभाई के नाम से विक्रम लैंडर का नाम रखा गया है क्योंकि विक्रम साराभाई को भारत में अंतरिक्ष विज्ञान का जनक कहा जाता है वह रोवर प्रज्ञान एक संस्कृत शब्द से लिया गया है जिसका मतलब ज्ञान होता है

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