5G इंटरनेट नेटवर्क का पूरी दुनिया में क्यों विरोध हो रहा है
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5G इंटरनेट नेटवर्क का पूरी दुनिया में क्यों विरोध हो रहा है ? 5G से कितना तेज होगा इंटरनेट, कितना फायदा-कितना नुकसान

5G इंटरनेट नेटवर्क का पूरी दुनिया में क्यों विरोध हो रहा है : 5G   का फुल फॉर्म  है Fifth Generation . 5G नेटवर्क एक बहुत ही पॉवरफुल नेटवर्क है जिसको लेकर लोगों में 5G नेटवर्क के प्रति उत्सुकता काफी बढ़ती जा रही है, भारत में 5G नेटवर्क को लॉन्च करने की तैयारी काफी जोरों पर है |

5G नेटवर्क को देखते हुए मोबाइल कंपनियों ने मार्केट में 5G compatible Smartphone को लॉन्च कर दिया है, भारत में 5G नेटवर्क को वर्ष 2021 के अंत तक लॉन्च किए जाने की संभावना है 5G नेटवर्क आने के बाद 4G की तुलना में इसकी स्पीड लगभग 50 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी |

5G नेटवर्क से होने वाला फायदा – 

5G Network से लगभग इसकी स्पीड 1000 mbps तक हो जाएगी , 5G नेटवर्क के आने से दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी, लोगों का  मिनटों का काम सेकंड में होने लगेगा जहां पर आप किसी मूवी को डाउनलोड करने के लिए 5 से 10 मिनट का समय लगता है, वही 5G नेटवर्क के आने से डाउनलोड स्पीड काफी बढ़ जाएगी |

इसके साथ-साथ आप अल्ट्रा एचडी क्वालिटी की वीडियो बिना रुके आप देख सकते हैं हाई क्वालिटी का वीडियो गेम बिना रुके आप खेल सकते हैं यदि एक्सपर्ट की मानें तो 5G की स्पीड  लगभग 1000 एमबीपीएस तक की होगी, साल 2018 में गुड़गांव में चाइना की कंपनी हुआवे  ने इसकी टेस्टिंग शुरू की थी |

5G नेटवर्क से होने वाला नुकसान – 

5G नेटवर्क से लोगों को यदि फायदा होता है तो उसके साथ-साथ उन्हें 5G नेटवर्क के नुकसान को भी झेलना पड़ेगा, टेक्निकल युनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन के  द्वारा जारी किए गए एक रिसर्च पेपर में 5G नेटवर्क पर यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई गई है , इस रिसर्च के अनुसार डिजिटल दुनिया के जितने भी हैकर्स  है उन्हें डाटा को आसानी से हैक करने में काफी मदद मिलेगी, इसके साथ अभी हाल ही में नीदरलैंड के हेग शहर में 5G नेटवर्क की टेस्टिंग के दौरान अचानक 297 पक्षियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा |

WHO के अनुसार radio-frequency बढ़ने से शरीर का तापमान बढ़ता है हालांकि Health को ज्यादा नुकसान नहीं है|

अधिक बैंडविथ मतलब कम कवरेज –

5G नेटवर्क की बैंडविथ अधिक होगी और कवरेज एरिया  कम होगा | 3G का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके सेल टावर कम सेल्स के साथ भी पढ़े क्षेत्र को कवर करने में सक्षम है इसलिए 3G नेटवर्क को ज्यादा बैंडविथ की जरूरत नहीं होती इसके बाद जब 4जी ने  तकनीक ने दुनिया में कदम रखा तो उसके सेल्स ने ज्यादा बैंडविथ का उत्पादन किया जिसकी वजह से प्रत्येक सेल का कवरेज कम हो गया |

इससे यूजर्स ने अनुभव किया कि 3G नेटवर्क के मुकाबले 4G नेटवर्क काफी फास्ट है लेकिन जैसे ही 4G का बैंडविड्थ बढ़ा उसका कवरेज एरिया कम हो गया जिससे यूजर को कवरेज की समस्या झेलनी पड़ी |

यदि 5G नेटवर्क की बैंडविड्थ बढ़ाई जाये तो कवरेज एरिया काफी कम होगा जिसकी वजह से अधिक से अधिक टावर लगाने पड़ेंगे और ज्यादा से ज्यादा टावर लगाने का मतलब ज्यादा रेडिएशन |

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